अपनी भाषा । अपनी पहचान ।
हिंदी भाषा एवं भारतीय संस्कृति का संवर्धन
सेमिनार, कार्यशालाओं और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से हमारी भाषाई विरासत और सांस्कृतिक परंपराओं की समृद्धि का उत्सव मनाने में हमारे साथ जुड़ें।
6 फ़रवरी, 2010 को स्थापित समर्पण ट्रस्ट भारतीय सांस्कृतिक अस्मिता के महत्वपूर्ण आधार—हिंदी भाषा, साहित्य व संस्कृति —के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रसार के लिए सतत समर्पित है। यह संस्था सेमिनार, कार्यशालाओं तथा विविध शैक्षिक कार्यक्रमों के माध्यम से सभी आयु वर्ग के लोगों को हमारी भाषाई एवं सांस्कृतिक विरासत को समझने, आत्मसात करने और उसका सम्मान करने के लिए प्रेरित करती है।
समर्पण ट्रस्ट हिंदी भाषा को भारतीय संस्कृति की आत्मा मानते हुए उसके संरक्षण एवं प्रसार के लिए निरंतर प्रयत्नशील है। संस्था का उद्देश्य विभिन्न शैक्षिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी समृद्ध भाषाई और सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ना तथा उसमें गौरव-बोध जागृत करना है।
हम एक ऐसे समाज की परिकल्पना करते हैं, जहाँ हिंदी भाषा और भारतीय संस्कृति की गरिमा, सौंदर्य और महत्ता को व्यापक रूप से स्वीकार, सम्मानित और व्यवहार में लाया जाए। हमारा लक्ष्य पीढ़ियों के बीच सेतु का निर्माण करते हुए उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ना और अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति गर्व एवं आत्मीयता की भावना विकसित करना है।
संगठन के मिशन व दृष्टि को मार्गदर्शन करने वाला सशक्त नेतृत्व।
भारतीय पर्व-त्योहारों, परंपराओं और शास्त्रीय कलाओं की अनुपम छटा को समर्पित विविध आयोजन।
छात्रों एवं पेशेवरों के लिए संवादात्मक एवं सहभागितापूर्ण कार्यशालाएँ, जिनके माध्यम से हिंदी संप्रेषण कौशल को सुदृढ़ किया जाता है।
विभिन्न जनोपयोगी पहलों के माध्यम से समाज में जागरूकता का प्रसार तथा समुदाय के साथ सार्थक जुड़ाव स्थापित करना।
हिंदी भाषा और भारतीय संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन के हमारे मिशन का हिस्सा बनें
आनंद हाउस,
43-बी, जतीन्द्र मोहन एवेन्यू,
कोलकाता 700005, WB, भारत